जीरा चाय के फायदे और नुकसान – Benefici ed effetti collaterali del tè al cumino in hindi जीरा चाय के फायदे और नुकसान – Benefici ed effetti collaterali del tè al cumino in hindi

अमूमन हर घर में जीरा का उपयोग मसाले के रूप में किया जाता है। औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण, प्रचीन समय से ही इसका इस्तेमाल चिकित्सा पद्धती में किया जाता रहा है। जीरा के जैसे ही जीरे की चाय भी सेहत के लिए असरदायक मानी जाती है। आयुर्वेद में इसे कई बीमारियों का सुरक्षा कवच माना गया है। यही कारण है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में आज हम आपको जीरा की चाय के फायदे के बारे में जानकारी देंगे। साथ ही जीरा चाय का सेवन और इसके उपयोग के बारे में भी विस्तार से बताएंगे। इसके अलावा यहां आप जीरे की चाय के नुकसान से जुड़ी जानकारी भी हासिल करेंगे।

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लेख में सबसे पहले जाने कि जीरा चाय सेहत के लिए किस प्रकार लाभदायक है।

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क्या जीरा चाय सेहत के लिए फायदेमंद है- Il tè Jeera fa bene?

हां, सेहत के लिए जीरे की चाय का सेवन लाभकारी हो सकता है। जिस तरह स्वास्थ्य के लिए जीरे के कई सारे फायदे हैं, ठीक उसी तरह जीरा की चाय भी सेहत के लिए गुणकारी मानी जाती है। दरअसल, जीरे का उपयोग करके ही जीरे की चाय बनाई जाती है। ऐसे में जीरे में मौजूद सभी गुण जीरे की चाय से भी हासिल किए जा सकते हैं।

वहीं एक शोध की मानें, तो जीरा की चाय का सेवन छाती में जमे बलगम को बाहर निकालने में मददगार हो सकता है। इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक गुण साइनस, निमोनिया, कोल्ड आदि से सुरक्षा प्रदान कर सकता है। इसके अलावा, पेट फूलना, गैस और लिवर से जुड़ी समस्या के लिए इसका इस्तेमाल घरेलू उपचार के तौर पर किया जा सकता है (1)। इसके अन्य फायदों के बारे में लेख में आगे विस्तार से जानकारी दी गई है।

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लेख में आगे जीरे की चाय के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं।

जीरे की चाय पीने के फायदे – Benefici del tè Jeera in hindi

यहां हम जीरे की चाय पीने के लाभ जीरे और जीरा चाय पर हुए कुछ शोध के आधार पर बता रहे हैं। इस बात का खास ख्याल रखें कि जीरे की चाय का सेवन कुछ स्वास्थ्य परेशानियों से बचाव कर सकता है, लेकिन यह गंभीर बीमारियों का इलाज नहीं है। नीचे जानिए जीरे की चाय स्वास्थ्य के लिए यह किस प्रकार लाभदायक हो सकती है।

1.इम्यूनिटी बढ़ाए

जीरा खाने के फायदे में रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना भी शामिल है। दरअसल, इसमें इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव होता है, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकता है (2)। वहीं, जीरा आयरन से समृद्ध होता है, जिसे इम्यूनिटी सिस्टम को भी स्वस्थ रखने के लिए जरूरी माना जाता है (3)। ऐसे में माना जा सकता है कि जीरा चाय का सेवन करने से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत हो सकती है।

2.वजन कम करने के लिए

जीरा का उपयोग वजन नियंत्रित करने के लिए भी किया जा सकता है। दरअसल, एक शोध में इस बात का जिक्र है कि जीरा शरीर में फैट को जमने से रोकने के साथ वजन कम में सहायक हो सकता है। इसके लिए जीरा और नींबू से तैयार चाय का खाली पेट सेवन करना लाभकारी हो सकता है (4)।

वहीं, एक अन्य शोध में शरीर की अतिरिक्त चर्बी और वजन कम करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं जितना ही जीरा को भी प्रभावी बताया गया है (5 )। इसके अलावा, एक अन्य शोध से पता चलता है कि जीरा शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने के साथ वजन को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभा सकता है (6)।

3.मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए

डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए सही आहार के साथ-साथ जीरा को भी डाइट में शामिल किया जा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार जीरा में एंटी-डायबिटीक प्रभाव पाए जाते हैं। यह प्रभाव ब्लड शुगर की मात्रा को नियंत्रित करके मधुमेह को कम करने में मदद कर सकता है (2)। इस आधार पर जीरा की चाय का सेवन मधुमेह रोगियों के लिए गुणकारी माना जा सकता है।

4.कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए

बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है (7)। जीरा की चाय पीने के फायदे कोलेस्ट्रॉल को कम करने में देखे जा सकते हैं। दरअसल, जीरा में हाइपोकोलेस्ट्रोलेमिक प्रभाव यानी कोलेस्ट्रोल को कम करने वाला प्रभाव प्रदर्शित करता है, जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभा सकता है (1)।

वहीं, एक अन्य अध्ययन के मुताबिक, जीरा पाउडर फास्टिंग कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स और एलडीएल यानी हानिकारक कोलेस्ट्रॉल के सीरम स्तर को कम कर सकता। इसके साथ ही यह गुड कॉलेस्ट्रॉल यानी कि एचडीएल में वृद्धि कर सकता है (8)। इस आधार पर कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए जीरे की चाय को फायदेमंद माना जा सकता है।

5.मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए

जीरा की चाय पीने के फायदे मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए भी हो सकते हैं। एक शोध के अनुसार जीरा में मौजूद कंपाउंड क्यूमिनाल्डिहाइड में एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव पाया जाता है। यह प्रभाव कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाव कर मस्तिष्क स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है। इसके साथ ही यह न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी के इलाज के लिए भी उपयोगी हो सकता है (9)।

6.शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के लिए

शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही ऊर्जा प्रदान कर थकान को दूर करने के लिए भी जीरा की चाय पीने के फायदे हो सकते है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च में पाया गया कि जीरा में मौजूद आयरन शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने के साथ ही थकान और बेचैनी को दूर कर सकता है (1)। इसके अलावा, एक अन्य शोध के अनुसार, जीरे के अर्क में मौजूद ट्रेपेनोइड्स ऊर्जा को बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं (10)।

7.एनिमिया की समस्या में

एनीमिया यानी खून की कमी में भी जीरे की चाय के लाभ देखे जा सकते हैं। दरअसल, एनसीबीआई (Centro nazionale per le informazioni sulle biotecnologie) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में साफ तौर से जिक्र मिलता है कि जीरे की चाय में आयरन की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो शरीर में आयरन की कमी को दूर कर एनीमिया की समस्या से बचाव सकता है (1)। इन तथ्यों के आधार पर जीरे की चाय को एनीमिया से बचाव के लिए फायदेमंद कहना गलत नहीं होगा।

8.लिवर की समस्या के लिए

शरीर के साथ ही लिवर को स्वस्थ रखने में भी जीरा की चाय के फायदे देखे जा सकते हैं। इससे जुड़े एक शोध के अनुसार, जीरा में एंटीकार्सिनोजेनिक प्रभाव होता है, जो लिवर के ट्यूमर को बनने से रोकने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, जीरा का उपयोग लिवर फंक्शन में सुधार करने में भी लाभदायक हो सकता है (1)। इस आधार पर जीरे की चाय को लिवर संबंधित परेशानियों के लिए उपयोगी माना जा सकता है।

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लेख के इस भाग में जीरा की चाय में मौजूद पौषक तत्वों के बारे में जानते हैं।

जीरे की चाय के पौष्टिक तत्व – Valore nutrizionale del tè Jeera in hindi

जीरे में मौजूद पोषक तत्व जीरे की चाय में भी मौजूद होते हैं। जीरे की चाय के पोषक तत्व को लेकर कोई शोध उपलब्ध नहीं है। ऐसे में हम जीरे के पोष्टिक तत्वों के बारे में बता रहे हैं (11)।

पोषक तत्व प्रति 100 ग्राम
? 8,06 g
? 375 kcal
? 17,81 g
कुल फैट 22,27 g
? 44,24 g
? 10,5 g
? 2,25 g
? 931 mg
? 66,36 mg
? 366 mg
? 499 mg
? 1788 mg
? 168 mg
? 4,8 mg
? 0,867 mg
? 3,333 mg
? 5,2 µg
विटामिन सी 7,7 mg
? 0,628 mg
? 0,327 mg
? 4.579 mg
बी-6 0,435 mg
, टोटल 10 µg
? 24,7 mg
ए, RAE 64 µg
कैरोटीन, बीटा 762 µg
विटामिन ए, IU 1270 UI
विटामिन ई 3,33 mg
विटामिन के 5,4 µg
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड 1,535 g
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड 3,279 g
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड 14,04 g

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जीरे की चाय पीने के फायदे और पोषक तत्वों के बाद जीरे की चाय के उपयोग के बारे में जानते हैं।

जीरे की चाय का उपयोग – Come usare il tè Jeera in hindi

जीरे की चाय का उपयोग कई प्रकार से किया जा सकता है, जिसके बारे में नीचे बता रहे हैं।

  • जीरा को पानी में उबालकर पी सकते हैं।
  • रोजाना गुनगुने पानी में जीरा पाउडर मिलाकर इसका सेवन किया जा सकता है।
  • जीरा पानी में एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर ले सकते हैं।
  • पानी में जीरे के साथ थोड़ी चाय पत्ती उबालकर ले सकते हैं।
  • जीरा पानी में चुटकीभर नमक और एक छोटी चम्मच धनिया का रस मिलाकर पी सकते हैं।

जीरा चाय पीने का सही समय: जीरे की चाय को सुबह, दोपहर या शाम, अपनी इच्छानुसार किसी भी समय ले सकते हैं।

: जीरा की चाय का सेवन रोजाना एक से दो बार किया जा सकता है (1)। वहीं, इसकी मात्रा में व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार बदलाव भी हो सकता है, इसलिए इससे जुड़ी जानकारी के लिए एक बार चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

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लेख के इस हिस्से में हम जीरा की चाय के नुकसार के बारे में बता रहे हैं।

जीरे की चाय के नुकसान – Effetti collaterali del tè Jeera in hindi

अधिक मात्रा में जीरे की चाय का सेवन कई प्रकार की समस्याओं का कारण बन सकता है, जिनके बारे में हम नीचे जानेंगे (3) (1)।

  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को जीरे की चाय से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है।
  • जीरे की चाय का सेवन करने से कुछ लोगों में त्वचा पर एलर्जी के रूप में लाल चकत्ते या सांस संबंधित परेशानी हो सकती है।
  • अल्सर और लिवर संबंधित परेशानी से ग्रसित लोगों को जीरे का सेवन करने से परहेज करना चाहिए।
  • जीरे की चाय रक्त में मौजूद शुगर के स्तर को कम कर सकती है, इसलिए मधुमेह से ग्रसित लोग इसका सेवन न करें।
  • जीरा की चाय का अत्यधिक सेवन रक्तस्राव का कारण बन सकता है, इसलिए हाल ही में जिनकी सजर्री हुई है उन्हें भी जीरे की चाय का सेवन नहीं करना चाहिए।

खाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला जीरा चाय के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है, इस बात के बारे में तो आप अच्छे से जान ही गए होंगे। वहीं, स्वास्थ्य के लिए जीरा की चाय के फायदे भी कई सारे हैं, जिनके बारे में लेख में विस्तार से बताया गया है। बस इसका उपयोग करते समय इस बात को ध्यान में रखें कि जीरा की चाय गंभीर समस्याओं से बचाव कर सकती है, लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज समझने की गलती न करें। साथ ही, जीरे की चाय के फायदे हासिल करने के लिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें। जो लोग गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, वो डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मैं रोजाना जीरा की चाय पी सकती हूं?

हां, जीरा की चाय का रोजाना सीमित मात्रा में सेवन किया जा सकता है (1)।

क्या जीरा की चाय पेट की चर्बी को कम करने में मदद कर सकती है?

हां, जीरा की चाय का खाली पेट सेवन वजन कम करने में मददगार हो सकता है (1)। बता दें, वजन कम होने के साथ ही पेट की चर्बी भी काफी हद तक कम हो सकती है।

क्या जीरा की चाय रात को पी सकते हैं?

हां, जीरा की चाय रात को पीने से नींद में सुधार हो सकता है। एक शोध में जीरे की चाय को इंसोमनिया की समस्या के साथ ही नींद से जुड़ी कई परेशानियों के लिए उपयोगी माना गया है (1)।

क्या मैं जीरा पाउडर को अपनी चाय में डाल सकती हूं?

नहीं, चाय में जीरा पाउडर डालने से इसका स्वाद खराब होगा। जीरा के फायदे हासिल करने के लिए जीरा चाय बनाकर पीना ही बेहतर विकल्प है।

Fonti

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  1. Cumino: una spezia o una droga?https://www.wjpsonline.org/admin/uploads/v6WU1s.pdf
  2. Cuminum cyminum e Carum carvi: un aggiornamentohttps://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3210012/
  3. Cuminum cyminum – Una spezia popolare: una revisione aggiornatahttp://www.phcogj.com/sites/default/files/10.5530pj.2017.3.51.pdf
  4. Efficacia della somministrazione di cumino cimino più calce sull’obesità tra le donnehttps://pharmascope.org/index.php/ijrps/article/view/1577/2087
  5. Effetto del cumin cyminum L. Assunzione sui profili metabolici della perdita di peso e sui biomarcatori dello stress ossidativo in soggetti in sovrappeso: uno studio clinico randomizzato in doppio cieco controllato con placebohttps://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/25766448/
  6. L’effetto della somministrazione di Cumin cyminum L. Plus Lime sulla perdita di peso e sullo stato metabolico in soggetti in sovrappeso: uno studio clinico randomizzato in doppio cieco controllato con placebohttps://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5065707/
  7. Livelli di colesterolo: cosa devi saperehttps://medlineplus.gov/cholesterollevelswhatyouneedtoknow.html
  8. Effetto della polvere di cumino sulla composizione corporea e sul profilo lipidico nelle donne in sovrappeso e obesehttps://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/25456022/
  9. La somministrazione dietetica di cuminaldeide derivata dal cumino induce effetti neuroprotettivi e di apprendimento e di miglioramento della memoria nei topi anzianihttps://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC7880363/
  10. Estratto di cumino per il controllo dei sintomi in pazienti con sindrome dell’intestino irritabile: una serie di casihttps://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3990147/
  11. Spezie semi di cuminohttps://fdc.nal.usda.gov/fdc-app.html#/food-details/170923/nutrients

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